Tuesday, October 20th, 2026

जौ का पानी पीने से अनगनित फायदें

 

प्रेग्‍नेंसी किसी भी महिला के चुनौती भरा समय होता है। मूड स्विंग्स के साथ टेस्ट बड्स बदल जाते हैं। हर वक्त एक डर लग रहता कि क्या क्या खाया जाए और क्या नहीं! अब इस लिस्ट में बार्ले वॉटर भी शामिल हो गया है। मॉडर्न साइंस कहता है कि प्रेग्‍नेंसी में बार्ले वॉटर लेना लाभकारी होता है।
बार्ले कांजी या बार्ले वॉटर एक हेल्दी ड्रिंक है। इसका फ्लेवर अखरोट जैसा होता है। यह प्रेग्‍नेंसी में माँ और बच्चे दोनों को स्वस्थ रखता है। नियमित रूप से प्रेग्‍नेंसी में इसका सेवन करने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां कम होती हैं। इसे आप सलाद, उबली सब्ज़ियों या खिचड़ी आदि में डाल सकते हैं।


बार्ले वॉटर स्वास्थ्य वर्धक है। इसे आसानी से घर पर बनाया जा सकता है। आपको बाजार से खरीदने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि बाहर के बार्ले वॉटर प्रीजर्वेटिव डाले जाते हैं। जबकि थोड़ी सी मेहनत से यह तैयार हो जाता है।

यह पूरी तरह नैचरल है। और, यह हर किसी के लिए सुरक्षित है। यह कई बीमारियों में लाभ पहुंचाता है। बार्ले कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नेशियम और आयरन का बेहतरीन स्रोत है। यह भ्रूण को बनने और उसकी हड्डियों के विकास में सहायक की भूमिका निभाता है।

कब्ज एक आम बीमारी हो गए है। हर दूसरे व्यक्ति को यह समस्या होती ही है। दिक्कत बढ़ने पर पाइल्स और हेमोरॉयड्स हो जाता है। प्रेग्‍नेंसी में बार्ले वॉटर जरूर पियें, क्योंकि इसमें है डाइटरी फाइबर के गुण। जो आपको कब्ज और गैस से दूर रखता है।

जौ में नियासिन होता है, जो पाचन में मदद करता है। नियासिन रक्त के थक्के जमने में भी मदद करता है जो कि सिजेरियन या नॉर्मल डिलीवरी के दौरान मददगार होता है। जौ में ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम होता है, जो कि ब्लड शुगर के लेवल को बनाए रखता है और डायबिटीज होने से रोकता है। साथ ही जौ में मौजूद कॉपर प्रेग्‍नेंसी के दौरान ब्लड वेसल यानी रक्त वाहिकाओं, हड्डियों और जोड़ों में लचीलापन बनाए रखने में मदद करता है।


जौ का पानी पीने से क्‍या होता है?
प्रेग्‍नेंसी में फोलिक एसिड सबसे जरूरी पोषक तत्व है। इसकी कमी से बच्चे को न्यूरो ट्यूब संबंधित बीमारी जैसे क्लेफ्ट लिप्स, स्पाइनल जो सकता है। इससे बचने के लिए गर्भवती महिला को जौ का पानी पीते रहना चाहिए।

जौ यूरिन से जुड़ी परेशानियों को कम करता है। यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है। इसे पीने के बाद आपको बार-बार यूरिन आती है। जो कुछ देर के लिए परेशानी खडी करती है, लेकिन लंबे समय के लिए आपको पित्त दोष से दूर रखती है। यह पेट की सूजन को कम करता है और विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालता है, इस प्रकार इसे विभिन्न संक्रमणों से बचाता है।

जौ का पानी पीने से मितली आती है और पेट की ऐंठन और जलन से राहत मिलती है। प्रेग्‍नेंसी में दवाइयां खाकर मुंह में छाले हो जाते हैं। इसके लिए रोजाना जौ का पानी पिये। लाभ होगा।
जौ का पानी शरीर के नये ऊतकों की मरम्मत और कोशिकाओं के विकास में सहायक होता है।

    जौ में लेक्टोजेनिक गुण होते हैं जो अधिक स्तन के दूध के स्राव में मदद करते हैं।
    यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है, इस प्रकार हृदय रोगों की संभावना को कम करता है।
    जौ पैरों में सूजन से राहत देने में मदद कर सकता है, जो गर्भवती महिलाओं के चेहरे की सबसे आम समस्याओं में से एक है।


​बार्ले के साइड इफेक्ट्स
बार्ले वॉटर बहुत ही ठंडा होता है, इसलिए इसे केवल गर्मियों में ही पीना चाहिए। प्रेग्‍नेंसी में कुछ लोगों को ठंडी तासीर की चीजें नहीं पचती हैं।

    जौ के पानी से प्रेग्‍नेंसी में सांस लेने में दिक्कत या खांसी हो सकती है। छींक आना और नाक बहना या टॉन्सिल्स आदि हो सकता है।
    जिन्हें ग्लूटेन से एलर्जी है, उन्हें प्रेग्‍नेंसी में तो हरगिज जौ का पानी नही पीना चाहिए।

​बार्ले वॉटर कैसे बनाएं
जौ को अच्छे से धो लें और काम स्व काम 3 से 4 घंटे पानी में भिगोकर रखें। अब इसे 45 मिनट तक उबालें। जब यह ठंडा हो जाये तो इसे एक बोतल में 3 दिन के लिए फ्रिज में स्टोर कर लें। जब भी पिये, इसमें नींबू का रस और शहद मिला लें।

जौ की कांजी के लिए इसे एक मिट्टी के गड़े में पानी , जीरा पाउडर, काली मिर्च और काले नामक के साथ काम से कम दो दिन छोड़ दें। इसमें मिट्टी के गुण भी आ जाएंगे। यह गर्मियों बहुत ठंडा होता है।

 

Source : Agency

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